Skip to main content

Posts

Showing posts with the label chhattisgarh

India's most expensive vegetable - Bastariya Boda mushroom | बस्‍तरिया बोड़ा की सब्‍जी | Bastar's boda mushroom production | CG Tourism | bastar ka boda

Image
India's most expensive vegetable - Bastariya Boda mushroom भारत के दण्‍डकारण्‍य में स्थित इस छत्‍तीसगढ़ राज्‍य के बस्‍तर संभाग में भारत की सबसे महंगी सब्‍जी पायी जाती हैं, यह केवल छत्‍तीसगढ़ के इसी संभाग में खासकर बस्‍तर और उसके आस-पास के जिलों में पायी जाती हैं, यहां मानसून आते ही बारिस की पहली बोहार के साथ यह खास तरह का मशरूम बस्‍तर के साल पेड़ के जंगलो में पाया जाता हैं, यह केवल बरसात में ही मिलता हैं, जो जून-जुलाई के महीने यहां ज्‍यादा उत्‍पादन होता हैं, माना जाता हैं, यह छत्‍तीसगढ़ और भारत का सबसे महंगा बिकले वाला सब्‍जी हैं, जिसके दाम 3000रू किलो तक भी पहुंच जाते हैं, इसका कम उत्‍पादन और एक निश्‍चित समय के लिए ही मिलना इसके महंगा होने का कारण हैं, बस्‍तर के आदिवासी जनजाति इसे जंगल से निकालकर लाते हैं, और बस्‍तर और आस-पास के जिलों के बाजारों में बेचते हैं, वर्तमान समय में इस मशरूम सब्‍जी का निर्यात आस-पास के राज्‍यों जैसे - उडि़सा, मध्‍यप्रदेश और झाारखंड में भी होता हैं, मशरूम की यह सब्‍जी दिखने में काली और गोल होती हैं, और यह साल वनो कें जंगलों में जमीन के उपरी सतह पर मिट्टी ...

Kotgarh mud fort Janjgir-champa chhattisgarh | कोटगढ़ किला जांजगीर चांपा छत्‍तीसगढ़ | कंकाली माता मंदिर कोटगढ़ | कोटगढ़ किला पिकनिक स्‍पॉट जांजगीर | janjgir-champa tourist places

Image
Kotgarh mud fort Janjgir-champa chhattisgarh छत्‍तीसगढ़ के इस छोटे से गांव कोटगढ़ मे स्थित हैं, छत्‍तीसगढ़ के इतिहास में छिपा हुआ एक अद्भुत अवशेष जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं, यहां स्थित हैं, कोटगढ़ का किला जिसे कोटगढ़ मिट्टी किला कहते हैं, यह किला चारो तरफ से एक बहुत ही बड़े मिट्टी के दिवार से घिरा हुआ हैं और किले के आगे और पीछे कुल दो द्वार हैं जो संरक्षित हैं बाकी किले के अन्‍य हिस्‍से ध्‍वस्‍त हो चुके हैं यह किला जांजगीर चांपा जिले के बारगांव नामक छोटे से गांव के पास स्थित एक अन्‍य गांव कोटगढ़ के पास स्थित हैं, यह जांजगीर से कोरबा के मुख्‍य मार्ग के किनारे जांजगीर जिला मुख्‍यालय से लगभग 22 कि.मी. बिलासपुर से 44 कि.मी. और कोरबा से 63 कि.मी. की दूरी पर स्थित है, यहां बस या कार द्वारा पहुंचा जा सकता हैं,  कोटगढ़ किला जांजगीर चांपा छत्‍तीसगढ़ कोटगढ़ के इस प्राचीन किले को भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण  ASI द्वारा एक संरक्षित स्‍मारक का दर्जा प्राप्‍त हैं, पुरातत्‍व विभाग के अनुसार इस किले का निर्माण 10 वीं शताब्‍दी में हुआ था । यह किला संभवत कल्‍चुरियो द्वारा बनवाया गय...

bhaisajhar dam bilaspur | arpa bhaisajhar pariyojna bilaspur chhattisgarh | arpa bhaisajhar barrage project bilaspur | अरपा भैंसाझार बैराज परियोजना बिलासपुर छत्‍तीसगढ़

Image
bhaisajhar dam bilaspur बिलासपुर जिले के कोटा तहसील में अरपा नदी पर भैंसाझार नामक एक छोटे से गांव पर बना हैं बहुत ही खुबसुरत बांध जिसे अरपा-भैंसाझार बैराज वृहद परियोजना कहते हैं, तो आज का यह ब्‍लाग पोस्‍ट इसी जगह के बारे में हैं, यह अरपा भैंसाझार परियोजना बिलासपुर जिले के भैंसाझार नामक गांव में हैं, जो बिलासपुर शहर से लगभग 34 कि.मी. की दूरी पर स्थित हैं, इस परियोजना के द्वारा कोटा तहसील के लगभग 102 ग्राम लाभान्‍वित होंगे जिसके द्वारा कोटा,बिल्‍हा और तखतपुर विकासखण्‍ड के क्षेत्रो में सिंचाई दूर होगी । arpa bhaisajhar pariyojna bilaspur chhattisgarh इस बैराज की उंचाई 12.35 मीटर लम्‍बाई 147 मीटर और पूर्ण जल-भराव क्षेत्र लगभग 302 मीटर का हैं, इस बैराज द्वारा मूख्‍य नहर की लम्‍बाई लगभग 56.44 कि.मी. और वितरक नहर की लम्‍बाई लगभग 27 कि.मी. साथ ही माइनर नहर की लम्‍बाई 303.30 कि.मी. हैं, इस बैराज की बहाव परिक्षेत्र आप नीचे दिये हुए फोटो में देख सकते हैं, इस बैराज की नींव सर्वप्रथम 1978-79 में रखी गई थी, जिसे सिंचाई उस समय के सिंचाई मंत्री मनहरण पांडेय द्वारा रखा गया था । उस समय यह मध्‍यप्रदेश हु...

Teenjhariya waterfall udon korba chhattisgarh | तीनझरिया जलप्रपात कोरबा छत्‍तीसगढ़ | तीनझरिया झरना कोरबा छत्‍तीसगढ़ | छत्‍तीसगढ़ कोरबा जिले के उड़ान का छिपा हुआ झरना

Image
Teenjhariya waterfall udon korba chhattisgarh नमस्‍कार दोस्‍तो आज का यह ब्‍लाग पोस्‍ट कोरबा जिले एक बहुत ही छोटे गांव के जंगली इलाके में स्थित एक बहुत ही खुबसुरत झरने या वाटरफाल के बारे में हैं, यह वाटरफाल दोस्‍तो कोरबा के टूरिज्‍म का हिस्‍सा नहीं है, बिल्‍कुल नेचुरल वाटरफाल हैं, और यहां काफी संख्‍या में लोग पिकनिक मनाने के लिए आते है, इस जगह खासकर नये साल व बरसात के मौसम में काफी भीड़ होती हैं। तीनझरिया जलप्रपात कोरबा छत्‍तीसगढ़  कोरबा जिले का यह अद्भुत झरना कोरबा के एक छोटे से गांव उड़ान में स्थित हैं, यह उड़ान कोरबा से लगभग 100 कि.मी. दूर और बिलासपुर से लगभग 95 कि.मी. दूर है, जहां से इस झरने की दूरी लगभग 5 कि.मी. हैं, यह झरना भालुमारी नामक पहाड़.पर स्थित है, लेकिन यहां पहुंचने तक का रास्‍ता काफी खराब और गर्मी के दिनों में भी पहाड़ो के बीच से होकर आना काफी कठीन हैं, जलप्रपात तक पहुंचने का सबसे सरल रास्‍ता पाली तहसील के घुईंचुवां से उड़ान के लिए बस लेना या स्‍वयं साधन से उड़ान तक पहुंच कर पैदल ट्रैक करना होगा ।  तीनझरिया झरना कोरबा छत्‍तीसगढ़  झरने के बारे में बात करें द...

satrenga korba chhattisgarh | satrenga korba picnic spot chhattisgarh | सतरेंगा कोरबा छत्‍तीसगढ़ | satrenga korba 2020 | satrenga korba ka video

Image
satrenga korba chhattisgarh नमस्‍कार दोस्‍तों आज का ब्‍लाग पोस्‍ट सतरेंगा पिकनिक स्‍पॉट के बारे में है, जो कि कोरबा जिले का एक बहुत ही खुबसुरत पिकनिक स्‍पाट है, हर साल यहां सैकड़ो कि संख्‍या में टुरिस्‍ट आते हैं, यह सुंदर पिकनिक स्‍पाट कोरबा शहर से लगभग 38 कि.मी. और बिलासपुर शहर से लगभग 126 कि.मी. की दूरी पर हसदेव-बांगो रिसर्वायर में सतरेंगा गांव के पास स्थित है, जहां पहाड़ो से घिरे इस झील का आनंद लेने के लिए छत्‍तीसगढ़ के कोने-कोने से लोग यहां आते है। satrenga korba picnic spot chhattisgarh सतरेंगा के इस सुदर पिकनिक स्‍पॉट को विकसित करने के लिए छत्‍तीसगढ़ सरकार द्वारा यहां फरवरी 2020 में हुई मीटिंग के बाद इस जगह को और भी बेहतर बनाया जा रहा है, यहां खुबसुरत गार्डन का निर्माण, रेस्‍ट हाउस, वाटर स्‍पोर्टस और टिकिटिंग की भी व्‍यवस्‍था बनाई जा रही है, वैसे तो यहां लोगो की भीड़ फैमिली और दोस्‍तों के साथ पिकनिक या बोटिंग, नेचर कैम्‍पिंग के लिए ही होती है, पर रेस्‍अ हाउस बन जाने के बाद लोग यहां रूककर प्रकृति के बीच रहकर अपने फैमिली के साथ समय व्‍यतीत कर पायेंगे सतरेंगा पिकनिक स्‍पॉट के पास कु...

नरसिंह गंगा | Narsinha ganga | नरसिंह गंगा, कोरबा, छत्‍तीसगढ़ | नरसिंह गंगा, कोरबा

Image
नरसिंह गंगा नरसिंह_गंगा ईरफ पहाड़ी श्रृंखला में बसा हुआ यह अद्भुत पर्यटन स्‍थल नरसिंह गंगा के नाम से पुरे छत्‍तीसगढ़ में प्रसिद्ध हैं। प्रकृति की गोद में बसा हुआ कोरबा जिले का यह अनमोल रत्‍न आज बिल्‍कुल गायब सा हो गया है। यह खुबसुरत सा पर्यटन स्‍थल अपने प्रकृति से घिरे पहाड़ो के बीच एक खुबसुरत झरने को गोद में लिए हुए लोगो के बीच काफी प्रसिद्ध है। यह पर्यटन स्‍थल कोरबा जिले के चैतमा से लगभग 11 कि.मी. की दूरी पर ईरफ के पास स्थित हैं जो बिलासपुर से लगभग 75 कि.मी. कि दूरी पर स्थित हैं । पलामु पहाड़ पर बसे इस खुबसुरत झरने एवं यहां की वादियों एवं मंदिरों को देखने पहले छत्‍तीसगढ़ से उडि़सा से और मध्‍यप्रदेश से भी लोग आते थे। Narsinha ganga Narsinha_ganga नरसिंह_गंगा_कोरबा यहां लोग कार्तिक पुर्णिमा और माघी पुर्णिमा को भगवान नरसिं‍ह की पुजा करने आते है। साथ ही शिवरात्रि को यहां लोगो की काफी भीड़ होती हैं। यहां अक्‍सर लोग पिकनिक वनभोज आदि के लिए आते ही रहते हैं। साथ ही यहां पलमार्इ्रन दाई और शिवजी का छोटा सा मंदिर भी हैं। कार्तिक, माघ और शिवरात्रि मे यहां मेला भी...

Kanki dham korba | Chhattisgarh kanki dham korba | Kankeshwar mahadev mandir kanki | Korba kanki dham | Kanki dham korba video

Image
Kanki dham korba Kanki_dham_korba कनकी छत्‍तीसगढ़ के कोरबा जिले का एक छोटा सा गांव हैं। जो कोरबा के करतला तहसील में आता हैं, और जिला मुख्‍यालय कोरबा से लगभग 20 कि.मी. की दूरी पर स्थित हैं। कनकी छत्‍तीसगढ़ में कनकेश्‍वर धाम के नाम से प्रसिद्ध है। क्‍योंकि यहां भगवान शिव का एक पुराना मंदिर स्थित हैं। जहां शिवरात्रि में हजारों श्रद्धालु इस मंदिर मे भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं।  Chhattisgarh kanki dham korba Kankeshwar_mahadev_mandir_kanki छत्‍तीसगढ़़ के इस छोटे से गांव कनकी में महाशिवरात्रि में मेला भी लगता हैं। जो काफी दर्शनीय होता हैं। यह जगह इस शिव मंदिर के अलावा प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है। वैसे तो इस मंदिर को लगभग 13 वीं शताब्‍दी का कहा जाता है। परन्‍तु पुरातात्‍विक विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं कि हैं फिर भी मंदिर की दीवारों और चौखटों पर आपको पुरातात्‍विक मंदिरों तुमान, पाली जैसे सुन्‍दर उत्‍कीर्णन और आकृति देखने को मिलती है। मंदिर को छत्‍तीसगढ़ पुरातत्‍व विभाग द्वारा एक संरक्षित मंदिर का दर्जा प्राप्‍त है। Kankeshwar mahadev mandir kanki ...