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Dhitori pahad korba chhattisgarh | ढिटोरी पहाड़ कोरबा रामाकछार छत्‍तीसगढ़ | ढिटोरी पहाड़ कोरबा शिवलिंग आकृति वाला कोरबा का पहाड़ | korba tourist places | korba picnic spots

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Dhitori pahad korba chhattisgarh कोरबा जिला पठारीय भाग होने के कारण इस जिले में बहुत सारे उंचे पहाड़ और पठार स्थित हैं, कोरबा का पठारीय भाग बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, गौरेला पेंड्रा मरवाही तक फैला हुआ हैं, जिसके बीच में आपको काफी सारे पठार देखने को मिलेंगे इनमें से कुछ पहाड़ शहरो और गांव से दूर लोगो से दूर जंगल में स्थित हैं, और गांव और शहरों के करीब होने के कारण लोगो के लिए मनोरंजन का कारण बन चुके हैं, इनमें से कुछ पहाड़ पर लोग एडवेंचर ट्रेकिंग करने जाते हैं, एैसा ही एक अद्भुत पहाड़ हैं, कोरबा का ढिटोरी पहाड़ जो कोरबा जिलें में कोरबा जिला मुख्‍यालय से लगभग 80 कि.मी. की दूरी पर रामाकछार नामक छोटे से गांव में स्थित हैं, यह कोरबा जिले के उन चुने पर्यटन स्‍थलों में से एक हैं, जहां सालाना पर्यटकों की भीड़ लगी होती हैं, इस पहाड़ की उंचाई लगभग 1000 मी. हैं, और यह कोरबा की उंचे पहाड़ो में से एक हैं, पर्यटन की दृष्टि से महत्‍वपूर्ण इस पहाड़ तक पहुंचने का रास्‍ता काफी दुर्गम हैं, और यहां पहुंचने के लिए सिर्फ एक ही सड़क हैं, और वह भी बरसात और सही समय पर मरम्‍मत नहीं कराये जाने के कारण खराब हो चुकि...

Matingarh matin dai mandir korba | मातिन दाई मंदिर कोरबा छत्‍तीसगढ़ | मातिन राज मातिन पहाड़ कोरबा मातिनखास | korba tourist places | korba picnic spots | matin dai mandir chhattisgarh

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Matingarh matin dai mandir korba मातिन दाई मंदिर कोरबा का एक छिपा हुआ अद्भुत खुबसुरत सा मंदिर है, मातिनखास का यह स्‍थान कभी छत्‍तीसगढ़ के 36 गढ़ो में से एक था । वर्तमान में यह छत्‍तीसगढ़ के कोरबा जिले का एक छोटा सा गांव हैं, जहां मातिन पहाड़ पर मातिन दाई का एक छोटा सा मंदिर स्थित है, मातिन गढ़ के अंदर 84 गांव सम्‍मिलित होते थे ,समय के साथ छत्‍तीसगढ़ के ये 36 गढ़ कहां विलुप्‍त हो गये किसी को इसकी खबर नहीं है, लेकिन आज भी लोगो द्वारा मातिन दाई कि पुजा की जाती हैं, और माता के प्रति लोगो के मन में श्रद्धा का भाव बना हुआ हैं, वर्तमान में यह जगह मातिन दाई मंदिर और मातिन पहाड़ के कारण काफी प्रसिद्ध हैं, यहां नवरात्रि में लोगो कि काफी भीड़ होती हैं, यहां पहुंचने के लिए कोरबा पेंड्रा मेन हाईवे से जटगा तक फिर वहां से रानीअटारी के रास्‍ते में मातिन नामक एक छोटा सा गांव स्थित हैं, इसकी दूरी कोरबा जिला मुख्‍यालय से 73 कि.मी. और बिलासपुर जिला मुख्‍यालय से 116 कि.मी. हैं, यहां पहुंचने के लिए कोई वाहन सुविधा उपलब्‍ध नहीं होने के कारण आप केवल स्‍वयं साधन से यहां तक पहुंच सकते हैं, मातिन दाई मंदिर कोरबा...

Golden island korba chhattisgarh | गोल्‍डन आईलैंड कोरबा छत्‍तीसगढ़ | कोरबा पिकनिक स्‍पॉट | korba tourist places

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Golden island korba chhattisgarh छत्‍तीसगढ़ के कोरबा जिले कि सबसे खुबसुरत जगहों में से एक गोल्‍डन आईलैंड कोरबा कि इस खुबसुरत जगह का दृश्‍य किसी बाहर देश के बीच जैसा हैं, इसलिए यह छत्‍तीसगढ़ के मॉरिसियस के रूप में प्रसिद्ध हैं, कोरबा की यह जगह कोरबा जिले के सबसे खुबसुरत पि‍कनिक स्‍पॉट में से एक हैं, यहां लोग काफी संख्‍या में अपने परिवार और दोस्‍तो के साथ नये साल में कार्तिक पुर्णिमा और अन्‍य मौको पर पिकनिक के लिए और नौका विहार का आनंद लेने के लिए यहां आते हैं, यह जगह हसदेव-बांगो परियोजना का एक हिस्‍सा है, जो कोरबा जिले में सरगुजा जिले के अम्बिकापुर जाने वाले नेशनल हाईवे में पड़ता हैं। गोल्‍डन आईलैंड कोरबा छत्‍तीसगढ़  कोरबा की यह खुबसुरत जगह कोरबा जिले के मोरगा नामक गांव के पास हैं, जो बिलासपुर-अम्बिकापुर नेशनल हाईवे से केंदई नामक गांव से लगभग 11 कि.मी. की दूरी पर हसदेव-बांगो रिसर्वायर पर स्थित हैं, यहां पहुंचने के लिए आप बाइक या कार का उपयोग कर सकते हैं, यहां तक पहुंचने के लिए लगभग 8 कि.मी. तक रोड बनी हुई हैं, फिर उसके बाद कच्‍चे से होकर आपको यहां जाना होगा । यहां पर आप नौका विहार, ...

kendai waterfall korba chhattisgarh | kendai fall korba | केंदई जलप्रपात कोरबा | korba picnic spots | korba tourist places

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kendai waterfall korba chhattisgarh कोरबा जिले का खुबसुरत वाटरफाल केंदई यह कोरबा जिले का दुसरा सबसे लंबा जलप्रपात हैं, यह खुबसुरत झरना कोरबा जिले के केंदई ग्राम में स्थित हैं, जो बिलासपुर अंबिकापुर इाईवे में पड़ता हैं, यह प्रकृति के बीच बसा हुआ झरना कोरबा जिला मुख्‍यालय से 90 कि.मी. और बिलासपुर से लगभग 134 कि.मी. की दूरी पर केंदई ग्राम में स्थित हैं, यह कोरबा जिले का एक बहुत ही प्रसिद्ध पिकनिक स्‍पाट हैं, यहां हर साल लाखों की संख्‍या में लोग छत्‍तीसगढ़ के अलग-अलग जगहों से पिकनिक के लिए आते हैं, और प्रकृति के बीच इस जलप्रपात के करीब अपने दोस्‍तों और परिवार के साथ समय व्‍यतीत करते हैं। kendai fall korba  यह जलप्रपात बरसात के मौसम में बहुत ही खुबसुरत दिखाई देता हैं, इस झरने का पानी हसदेव-बांगो रिसर्वायर में जाकर मिलता हैं, यहां हसदेव नदी का पानी जज्‍गी से होते हुए केंदई ग्राम के इस खुबसुरत जलप्रपात से होते हुए 3 छोटे जलप्रपातों का निर्माण करते हुए बांगो रिसर्वायर में मिलता हैं, यह जगह प्रकृति से घिरी हुई हैं, यहां आपको पहाड़, जंगल और जंगली जानवार भी देखने को मिलेंगे यहां केंदई के इस ख...

bango dam chhattisgarh | bango dam chhattisgarh | bango dam korba chhattisgarh | bango dam picnic spot korba

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bango dam chhattisgarh  बांगो में स्थित हसदेव-बांगो रिसवार्यर पर एक खुबसुरत और नायाब डैम जो अभियांत्रिकी का एक बहुत ही बेहतरीन नमुना है, यह डैम कोरबा शहर से लगभग 51 कि.मी. दूर और बिलासपुर शहर से लगभग 95 कि.मी. दूर बांगो में हसदेव नदी के हसदेव-बांगो रिसवार्यर में स्थित है, इसका निर्माण 1961-62 में हसदेव नदी में किया गया था। यह छत्‍तीसगढ़ का सबसे लम्‍बा और चौड़ा डैम भी है, यह छत्‍तीसगढ़ का पहला बहुउद्येशीय परियोजना भी है, इसका जलभराव क्षेत्रफल लगभग 6730 वर्ग कि.मी. है, इसे हसदेव-बांगो परियोजना या फिर मिनीमाता बांध के नाम से भी जाना जाता है। हसदेव-बांगो बांध कोरबा छत्‍तीसगढ़  इस बांध की उंचाई लगभग 86 मीटर और लम्‍बाई 555 मीटर है, इसमें करीब 11 गेट लगे हुए हैं जो पानी ज्‍यादा होने पर ओवरफलो रोकने के लिए पानी छोड़ते है, इस हसदेव बांगो परियोजना से छत्‍तीसगढ़ के कोरबा, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिले लाभान्‍वित होते हैं, इस बांध के द्वारा कोरबा जिले के कई जगहों की जलापुर्ति की जाती है, इनमें शामिल है- बालको, एनटीपीसी कोरबा, एस.ई.सी.एल., बी.पी.सी.एल., कोरबा नगर निगम। bango dam korba chhat...

satrenga korba chhattisgarh | satrenga korba picnic spot chhattisgarh | सतरेंगा कोरबा छत्‍तीसगढ़ | satrenga korba 2020 | satrenga korba ka video

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satrenga korba chhattisgarh नमस्‍कार दोस्‍तों आज का ब्‍लाग पोस्‍ट सतरेंगा पिकनिक स्‍पॉट के बारे में है, जो कि कोरबा जिले का एक बहुत ही खुबसुरत पिकनिक स्‍पाट है, हर साल यहां सैकड़ो कि संख्‍या में टुरिस्‍ट आते हैं, यह सुंदर पिकनिक स्‍पाट कोरबा शहर से लगभग 38 कि.मी. और बिलासपुर शहर से लगभग 126 कि.मी. की दूरी पर हसदेव-बांगो रिसर्वायर में सतरेंगा गांव के पास स्थित है, जहां पहाड़ो से घिरे इस झील का आनंद लेने के लिए छत्‍तीसगढ़ के कोने-कोने से लोग यहां आते है। satrenga korba picnic spot chhattisgarh सतरेंगा के इस सुदर पिकनिक स्‍पॉट को विकसित करने के लिए छत्‍तीसगढ़ सरकार द्वारा यहां फरवरी 2020 में हुई मीटिंग के बाद इस जगह को और भी बेहतर बनाया जा रहा है, यहां खुबसुरत गार्डन का निर्माण, रेस्‍ट हाउस, वाटर स्‍पोर्टस और टिकिटिंग की भी व्‍यवस्‍था बनाई जा रही है, वैसे तो यहां लोगो की भीड़ फैमिली और दोस्‍तों के साथ पिकनिक या बोटिंग, नेचर कैम्‍पिंग के लिए ही होती है, पर रेस्‍अ हाउस बन जाने के बाद लोग यहां रूककर प्रकृति के बीच रहकर अपने फैमिली के साथ समय व्‍यतीत कर पायेंगे सतरेंगा पिकनिक स्‍पॉट के पास कु...

kosgai mandir korba | कोसगाई मंदिर कोरबा | कोसगाई मंदिर कोरबा का इतिहास | kosgai mandir korba video | kosgai mandir

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kosgai mandir korba कोरबा जिले के पोड़ीखोहा नामक गांव में विराजमान है, मां कोसगाई । यह मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक मान्‍यताओं के कारण पुरे कोरबा जिले और छत्‍तीसगढ़ में प्रसिद्ध है, यह जगह नवरात्रि के समय श्रद्धालुओं से भर जाती है, जो माता के दर्शन के लिए आते हैं, मंदिर बीहड़ जंगलों के बीच पहाड़ी पर स्थित है, और मंदिर कि उंचाई मुख्‍य मार्ग बस्‍ती से लगभग 200 फिट है, मंदिर तक पहुंचने के लिए जो मार्ग उपलब्‍ध है, वह काफी खराब हैं, इसके बावजूद माता की श्रद्धा शक्‍ति भक्ति देखने के लिए लोग यहां आते रहते हें। कोसगाई मंदिर कोरबा यह कोसगाई माता का चमत्‍कारी मंदिर कोरबा जिला मुख्‍यालय से लगभग 30 कि.मी. छुरी से लगभग 40 कि.मी. और बिलासपुर जिले से लगभग 120 कि.मी. की दूरी पर स्थित हैं, यहां पहुंचने के लिए सबसे अच्‍छा मार्ग पोड़ी-उपरोड़ा से होते हुए बांगो डेम के मार्ग से होकर आना हैं, मंदिर से जुड़ी कई सारी बातें लोगो के बीच प्रसिद्ध है, माना जाता है कि कोसगाई दाई के इस मदिर मे कभी लाल कपड़ा नहीं चढ़ाया जाता बल्कि सफेद कपड़ा चढ़ाया जाता है क्‍योंकि माता कोसगाई को शांति का प्रतीक माना जाता है, साथ ही मं...

Bamharjhunjha waterfall khairabahar (lafa) | बामहरझुंझा जलप्रपात पाली कोरबा छत्‍तीसगढ़ | korba tourist places | waterfall pali korba

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Bamharjhunjha waterfall khairabahar (lafa) बामहरझुंझ झरना प्रकृति से घिरे पहाड़ो के बीच बसा एक बहुत ही खुबसुरत झरना हैं। यह झरना अपनी खुबसुरती के लिए कोरबा जिले में बहुत प्रसिद्ध हैं आस-पास और भी पर्यटन स्‍थल होने के कारण यहां लोगो की भीड़ बनी रहती है। कहा जाता है इस झरने में साल भर पानी बहता ही रहता है,  और लोग यहां पिकनिक के लिए आते ही रहते है। चैतुरगढ़ पर्यटन स्‍थल जाते वक्‍त दूर पहाड़ी में सफेद हसिंये की आकृति में पहाड़ पर चित्र के रूप में यह झरना दिखाई देता है। बामहरझुंझा जलप्रपात पाली कोरबा छत्‍तीसगढ़ यह झरना बिलासपुर-कोरबा हाईवे में शिव नगरी पाली से लाफा के रास्‍ते चैतुरगढ़ मार्ग पर खैराबहर नामक गांव में स्थित हैं,  बिलासपुर से इस झरने की दूरी लगभग 55-60 कि.मी. और पाली से लगभग 13-16 कि.मी. की दूरी पर स्थित हैं, इस झरने का पानी वर्षा का पानी हैं जो पहाड़ो से होते हुए बहता ही रहता है, यह झरना गरगज पहाड़ी श्रेणी में बसा हुआ हैं, और झरने की उंचाई अभी तक नहीं मापी गई हैं परन्‍तु गांव के बड़े-बुजुर्गो की माने तो यह झरना 500 मी. या उससे भी अधिक उंचाई का हैं।  My Expe...

Buka jal vihar, Korba, Chhattisgarh | बुका जल विहार कोरबा छत्‍तीसगढ़ | Buka jalashay tourist place korba | Buka jalashay korba chhattisgarh | Buka korba resort

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Buka jal vihar, Korba, Chhattisgarh आज का ब्‍लाग दोस्‍तों बुका के बारे में है बुका एक बहुत ही खुबसुरत जलाशय, वाटर्स स्‍पोटर्स एकवेंचर सेंटर और एक टुरिस्‍ट रिसार्ट है जो कोरबा जिले में स्‍थित है यह कोरबा जिले के का एक पर्यटन स्‍थल भी है जहां लोग गर्मी के मौसम में घुमने आते हैं साथ ही किसी खास मौके पर या किसी पर्व पर इस जगह काफी भीड़ होती है विशेषकर नव वर्ष में तो यह जगह ऐसी दिखती मानों यहां छत्‍तीसगढ़ में मॉरिसीयस आ गया हो | Buka_jal_vihar_Korba_Chhattisgarh Buka_jal_vihar_Korba_Chhattisgarh_jheel बुका जल विहार कोरबा छत्‍तीसगढ़  बुका_जल_विहार_कोरबा_छत्‍तीसगढ़ यह पर्यटन स्‍थल अपनी सुंदरता और चहल-पहल के कारण लोगों के मध्‍य प्रसिद्ध हैं बुका का यह जलाशय या जल विहार बिलासपुर जिले से लगभग 112 कि.मी. की दूरी पर स्थित है और कोरबा जिले से लगभग 68 कि.मी. दूर स्थित है यह विहार हसदेव- बांगों रिसवार्यर पर कटघोरा से 35 कि.मी. दूर मड़ई के पास 5 कि.मी. की दूरी पर स्थित हैं और कोरबा, बिलासपुर या कटघोरा से यहां आने के लिए टैक्‍सी की सुविधा हमेशा उपलब्‍ध होती हैं यह जगह ख...

Kudurmal korba, chhattisgarh | मुक्‍तामणि नाम साहेब समाधि स्‍थल कुदुरमाल कोरबा, छत्‍तीसगढ़ | Kudurmal kabir dham chhattisgarh

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Kudurmal korba, chhattisgarh Kudurmal_korba,chhattisgarh छत्‍तीसगढ़  के कोरबा जिले में हैं कबीर पंथी गुरू मुक्‍तामणि नाम साहेब कि समाधि जहॉं हर साल बसंत पंचमी मे होता है समारोह तो आइए जानते हैं इस कोरबा जिले के धार्मिक पर्यटन स्‍थल के बारे में  | मुक्‍तामणि नाम साहेब समाधि स्‍थल कुदुरमाल कोरबा, छत्‍तीसगढ़ कबीर साहेब के सत्‍य, ज्ञान, तथा मानवतावादी सिंद्धांतों पर आधारित कबीर मठ की स्‍थापना 1903 में कबीरपंथ के 12वें गुरू अग्रनाम साहेब दशहरा के शुभ अवसर पर किया था तब से दामाखेड़ा कबीर प‍ंथियों के तीर्थ स्‍थलों के रूप में प्रसिद्ध है muktamani_nam_saheb_kudurmal_korba_chhattisgarh muktamani_nam_saheb_kudurmal_korba,chhattisgarh मध्‍य प्रदेश के जिला उमरिया के अंतर्गत बांधवगढ़ निवासी संत धर्मदास, कबीर साहेब के प्रमुख शिष्‍य थे जिन्‍हें कबीर साहेब ने अपना संपूर्ण आध्‍यात्मिक ज्ञान दिया और द्वितीय पुत्र मुक्‍तामणि नाम साहेब को 42 पीढ़ी तक कबीर पंथ का प्रचार-प्रसार करने का आशीर्वाद प्रदान किया इस तरह मुक्‍तामणि नाम साहेब कबीरपंथ के प्रथम वंशगुरू...